नीरज पांडे और राघव जयराथ के निर्देशन में बनी वेब सीरीज ‘Taskaree: The Smuggler’s Web’ 14 जनवरी से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। इस सीरीज के जरिए एक बार फिर नीरज पांडे ने अपनी पसंदीदा ‘वर्दी वाली दुनिया’ को पर्दे पर उतारा है। लेकिन क्या यह सीरीज उनकी पिछली सुपरहिट सीरीज ‘स्पेशल ऑप्स’ जैसा जादू चला पाई? आइए जानते हैं।
कहानी: स्मगलिंग का जाल और सिस्टम की चुनौती
सीरीज की कहानी एयरपोर्ट के उन कोनों से शुरू होती है जहाँ हर सूटकेस में एक राज छिपा हो सकता है। इमरान हाशमी ने इसमें अर्जुन मीणा का किरदार निभाया है, जो एक निलंबित कस्टम अधिकारी है। कहानी तब रफ्तार पकड़ती है जब संसद में बढ़ती स्मगलिंग और राजस्व के नुकसान पर सवाल उठते हैं।
वित्त मंत्री के दबाव में एक युवा और ईमानदार अधिकारियों की टीम बनाई जाती है। अर्जुन मीणा (इमरान हाशमी), रविंदर गुर्जर (नंदिश संधू), और मिताली कामत (अमृता खानविलकर) की यह टीम मुंबई एयरपोर्ट पर मोर्चा संभालती है। उनका मुख्य लक्ष्य है मिलान में बैठा स्मगलिंग का किंगपिन बड़ा चौधरी (शरद केलकर)। क्या यह टीम सिस्टम के भीतर बैठे गद्दारों और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को तोड़ पाएगी? यही इस सीरीज का मुख्य आकर्षण है।
अभिनय: इमरान हाशमी और अनुराग सिन्हा ने लूटी महफिल
- इमरान हाशमी (अर्जुन मीणा): इमरान ने इस रोल में काफी ठहराव दिखाया है। उनका ‘अंडरप्ले’ करना किरदार को और भी संजीदा बनाता है।
- अनुराग सिन्हा (प्रकाश कुमार): असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में अनुराग सिन्हा सबसे वास्तविक (realistic) नजर आए। उनके बात करने का अंदाज और हाव-भाव एक असली अधिकारी की याद दिलाते हैं।
- शरद केलकर (बड़ा चौधरी): शरद हमेशा की तरह प्रभावशाली लगे हैं, हालांकि उनका किरदार एक अपराधी से ज्यादा एक स्टाइलिश बॉलीवुड विलेन जैसा महसूस होता है।
- सपोर्टिंग कास्ट: नंदिश संधू और अमृता खानविलकर ने अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
नीरज पांडे की फिल्मों की खासियत उनका ब्रिस्क पेस (तेज रफ्तार) होता है। ‘तस्करी’ में भी कहानी तेजी से आगे बढ़ती है और दर्शकों को बांधे रखती है। हालांकि, सीरीज में कुछ कमियां भी खटकती हैं:
- जरूरत से ज्यादा चमक-धमक: स्मगलिंग जैसे विषय के लिए जिस ‘रॉनेस’ और मिट्टी वाली फीलिंग की जरूरत थी, वह पॉलिश विजुअल्स और विदेशी लोकेशंस (इटली, बैंकॉक) के नीचे दब गई है।
- बैकग्राउंड स्कोर: सीरीज का संगीत कभी-कभी कहानी पर हावी हो जाता है, जो तनाव (tension) पैदा करने के बजाय ध्यान भटकाता है।
- ग्राफिक्स का उपयोग: बार-बार ग्राफिक्स और कट्स का इस्तेमाल कहानी के प्रभाव को हल्का कर देता है।
क्यों देखें?
- अगर आप क्राइम-प्रोसीजरल ड्रामा और इन्वेस्टिगेशन के शौकीन हैं।
- इमरान हाशमी को एक नए और संजीदा अवतार में देखने के लिए।
- एयरपोर्ट स्मगलिंग और कस्टम विभाग के काम करने के तरीके को समझने के लिए।
Taskaree: The Smuggler’s Web | Official Trailer



